अरवल: Bihar Police में सामाजिक समावेश की दिशा में एक नई पहल देखने को मिल रही है। राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित 15 मंगलामुखी सिपाही इन दिनों अरवल पुलिस लाइन में एक साल का बेसिक पुलिस प्रशिक्षण ले रही हैं।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये जवान पुलिस की वर्दी में समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगी।
बिहार सरकार की पहल के तहत पुलिस सेवा में शामिल किए गए इन प्रशिक्षुओं को इससे पहले जमालपुर स्थित बीएमपी-9 में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। वहां से प्रशिक्षण के बाद अब उन्हें अरवल पुलिस लाइन में पुलिसिंग की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
अरवल पुलिस लाइन में मिल रही पुलिसिंग की ट्रेनिंग
अरवल पुलिस लाइन में प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को कानून की जानकारी, अनुशासन, पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े जरूरी पाठ पढ़ाए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है, ताकि वे आगे चलकर आम लोगों की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभा सकें।
प्रशिक्षण दे रहे इंस्पेक्टर रमेश कुमार सिंह के अनुसार, सभी प्रशिक्षु पूरी गंभीरता और लगन के साथ प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं। वहीं, पुलिस लाइन के अधिकारी ओम प्रकाश अरुण भी उन्हें पुलिस की जिम्मेदारियों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहे हैं।
पुलिस सेवा से सामाजिक पहचान और सम्मान की उम्मीद
इस पहल को केवल सरकारी नौकरी मिलने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। यह मंगलामुखी समुदाय के लोगों के लिए सामाजिक पहचान, सम्मान और मुख्यधारा में भागीदारी की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस सेवा में शामिल होकर ये प्रशिक्षु समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की तैयारी कर रही हैं।
अब तक समाज में जिनकी पहचान सीमित दायरों में देखी जाती रही है, वे अब पुलिसकर्मी के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रही हैं। वर्दी के साथ उन्हें कानून का पालन कराने, आम नागरिकों की सुरक्षा करने और शांति-व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व मिलेगा।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संभालेंगी जिम्मेदारी
अरवल में चल रहा एक साल का बेसिक प्रशिक्षण इन जवानों को पुलिस सेवा के लिए तैयार करने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी जिम्मेदारी केवल पुलिस की वर्दी पहनने तक सीमित नहीं होगी,
बल्कि कानून का पालन, जनता की सुरक्षा और समाज में शांति बनाए रखना भी उनके कर्तव्यों में शामिल होगा।
बिहार पुलिस में 15 मंगलामुखी सिपाहियों की नियुक्ति और उनका प्रशिक्षण राज्य में सामाजिक बदलाव की एक नई तस्वीर पेश कर रहा है। अब सभी की निगाहें प्रशिक्षण पूरा होने और इन जवानों के पुलिस सेवा में अपनी जिम्मेदारी संभालने पर रहेंगी।