पटना: Bihar MLC Election:: बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
एक तरफ कांग्रेस ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं, जबकि इनमें से कई सीटों पर राजद भी प्रत्याशी घोषित कर चुका है। ऐसे में महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर तालमेल का सवाल चर्चा में है।
दूसरी तरफ एनडीए के भीतर भी पटना स्नातक सीट को लेकर जदयू की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। जदयू ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को फिर से उम्मीदवार बनाया है।
हालांकि, मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मैदान में हैं और उन्होंने जन सुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है।
कांग्रेस और राजद के अलग-अलग उम्मीदवार
बिहार की आठ शिक्षक-स्नातक सीटों के चुनाव में कांग्रेस के पांच उम्मीदवार उतारने से महागठबंधन के भीतर चुनावी तालमेल पर सवाल उठे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस के घोषित उम्मीदवारों में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां राजद ने भी अपना प्रत्याशी उतारा है। हालांकि, कुछ सीटों पर दोनों दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है और दरभंगा शिक्षक तथा पटना शिक्षक सीटों पर राजद के पीछे हटने की संभावना भी सामने आई है।
इस स्थिति में चुनावी मुकाबला केवल एनडीए बनाम महागठबंधन तक सीमित नहीं रह गया है। जन सुराज की सक्रियता ने भी कई सीटों पर मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है।
पटना स्नातक सीट पर जदयू की परीक्षा
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस समय खास तौर पर चर्चा में है। जदयू ने यहां नीरज कुमार पर भरोसा जताया है, लेकिन पार्टी के ही विधायक अनंत सिंह उनके समर्थन में नहीं हैं। अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करते हुए उनके लिए प्रचार करने की बात कही है।
अब जदयू नेतृत्व इस मतभेद को खत्म करने की कोशिश में जुटा है। पार्टी नेता संजय झा के मुताबिक, अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को दी गई है। जदयू के वरिष्ठ नेताओं की ओर से भी कहा गया है कि मामला पार्टी के बड़े नेताओं के संज्ञान में है और उचित समय पर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
आठ सीटों पर बहुकोणीय मुकाबले के संकेत
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर चुनाव में कांग्रेस, राजद, जदयू, भाजपा और जन सुराज समेत कई राजनीतिक ताकतों की मौजूदगी मुकाबले को दिलचस्प बना रही है।
पटना स्नातक सीट पर जहां जदयू को अपने ही विधायक के अलग रुख से निपटना है, वहीं महागठबंधन के भीतर कांग्रेस और राजद के उम्मीदवारों का आमना-सामना कई सीटों पर चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल दोनों गठबंधनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने-अपने खेमे में बेहतर समन्वय बनाए रखने की है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों और दलों के बीच तालमेल की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। बिहार विधान परिषद की इन शिक्षक-स्नातक सीटों के चुनाव के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होना है और मतगणना 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है।