आरा (भोजपुर): पूर्व कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह हत्याकांड में गिरफ्तार वांछित शूटर पिंटू सिंह को मंगलवार को पुलिस ने थाने से न्यायालय तक पैदल ले जाकर पेश किया। आरोपित को हाफ पैंट में पुलिस सुरक्षा के बीच करीब ढाई किलोमीटर की दूरी तय कराई गई। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा रही। इससे पहले इसी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपितों को भी पुलिस इसी तरह पैदल कोर्ट तक ले गई थी।
कनकपुरी मोहल्ले में हुई थी पूर्व कस्टम अधिकारी की हत्या
मामला नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या से जुड़ा है। रामकुमार सिंह क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे। इस हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। पिंटू सिंह को इस मामले में वांछित शूटर बताया गया है। वह मूल रूप से बिहिया के झौंवा गांव का निवासी है और वर्तमान में कृष्णानगर, चंदवा मोहल्ले में रह रहा था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए नागालैंड भागने की बात
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के डर से पिंटू सिंह नागालैंड चला गया था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में हत्याकांड की साजिश और उसमें शामिल लोगों की भूमिका से जुड़े कई अहम पहलुओं की जानकारी मिली है।
भोजपुर एसपी ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की योजना किसने बनाई, किसकी क्या भूमिका थी और वारदात को अंजाम देने में किन लोगों ने सहयोग किया। प्रारंभिक जांच में मामला भूमि विवाद और सुपारी किलिंग से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस सभी कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है।

थाने से कोर्ट तक करीब ढाई किलोमीटर पैदल ले गई पुलिस
मंगलवार अपराह्न पुलिस ने पिंटू सिंह को नवादा थाना से न्यायालय तक पैदल पहुंचाया। इस दौरान पुलिसकर्मी उसके साथ रहे। हाफ पैंट में आरोपित को सड़क पर पैदल ले जाने की कार्रवाई लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी। पुलिस ने इस कार्रवाई के पीछे कोई अलग आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया है।
पहले तीन आरोपितों को भी पैदल ले जाया गया था
इससे पहले 22 अक्टूबर को इसी हत्याकांड में गिरफ्तार चंदन सिंह, टीपू कुमार और अभिषेक कुमार को भी नवादा थाने से कोर्ट तक पैदल ले जाया गया था। उस समय भी पुलिस ने करीब ढाई किलोमीटर की दूरी आरोपितों से पैदल तय कराई थी। अब पिंटू सिंह को भी इसी तरह न्यायालय ले जाने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
भूमि विवाद और सुपारी किलिंग के पहलुओं की जांच
पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर हत्या की साजिश की पूरी कड़ी समझने का प्रयास कर रही है। एसपी के मुताबिक भूमि विवाद इस मामले का एक प्रमुख पहलू है और सुपारी देकर हत्या कराए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, साजिश में शामिल लोगों की भूमिका और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित साजिश कब बनी, आरोपितों के बीच संपर्क कैसे हुआ और हत्या को अंजाम देने में किसने क्या भूमिका निभाई। पुलिस ने कहा है कि पूछताछ में मिले तथ्यों की पुष्टि अन्य साक्ष्यों से की जाएगी।

अन्य आरोपितों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पिंटू सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने हत्याकांड से जुड़े शेष पहलुओं को स्पष्ट करने की चुनौती है। मामले में पहले गिरफ्तार आरोपितों से मिली जानकारी और नए पूछताछ विवरण का मिलान किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने लाई जा सके।
फिलहाल पिंटू सिंह को न्यायालय में पेश किया गया है। आगे की जांच में पुलिस भूमि विवाद, कथित सुपारी और अन्य आरोपितों के संबंधों की पड़ताल करेगी।
