कोलकाता, 7 नवंबर। पश्चिम बंगाल में पुलिस सेवा में शामिल होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी भर्ती की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को लालबाजार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में कहा कि राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस में आने वाले महीनों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाएंगी। उनके मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया दिसंबर और अगले वर्ष जनवरी से शुरू होने की संभावना है। इस घोषणा के साथ ही राज्य में पुलिस विभाग के रिक्त पदों को भरने की योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य पुलिस में अब तक लगभग 11 हजार नए पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके बावजूद विभाग में करीब 46 हजार स्वीकृत पद खाली हैं। सरकार इन रिक्तियों को चरणबद्ध तरीके से भरने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दो विशिष्ट भर्ती योजनाओं का उल्लेख किया—महिला पुलिस के 6,345 पद और कोलकाता पुलिस में 4,000 कांस्टेबलों की नियुक्ति।
महिला पुलिस और कोलकाता पुलिस में अलग-अलग भर्ती
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, महिला पुलिसकर्मियों की 6,345 नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त कोलकाता पुलिस बल में 4,000 कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी। इन दोनों प्रस्तावित नियुक्तियों को जोड़ें तो कुल 10,345 पदों पर भर्ती की तैयारी का संकेत मिलता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आवेदन की अंतिम तिथि, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, शारीरिक मापदंड, चयन परीक्षा और आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम नहीं बताया गया है। उम्मीदवारों को इन विवरणों के लिए आधिकारिक भर्ती अधिसूचना का इंतजार करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में रिक्त पदों को भरना कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने की योजना का हिस्सा है। बड़ी संख्या में रिक्तियां रहने से पुलिस बल पर काम का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में नई नियुक्तियों के जरिए विभिन्न इकाइयों में मानव संसाधन उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

लालबाजार समारोह में 309 सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र
यह घोषणा लालबाजार में आयोजित उस समारोह के दौरान की गई, जहां 309 नव नियुक्त सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने नए अधिकारियों को संबोधित करते हुए ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को पुलिस सेवा का आधार बताया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए और उन्हें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के अनुरूप जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों से केवल निर्धारित ड्यूटी समय तक सीमित रहने के बजाय जरूरत के अनुसार जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा जताई। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और जनता के प्रति संवेदनशील बने रहने पर जोर दिया। उनके संबोधन में पुलिस सेवा को केवल नौकरी नहीं, बल्कि सार्वजनिक दायित्व के रूप में देखने का संदेश प्रमुख रहा।
पुलिस सुविधाओं और प्रशिक्षण पर सरकार का जोर
समारोह में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पहले पुलिसकर्मियों को आवश्यक सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा पर्याप्त रूप से नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पुलिसकर्मियों की आर्थिक सुरक्षा बेहतर बनाने, पुलिस व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को आधुनिक करने और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दे रही है। उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस को कानून के तहत स्वतंत्र रूप से काम करने की छूट दी गई है तथा सरकार प्रशासनिक जरूरतों में उनके साथ खड़ी है।

अभ्यर्थियों को आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार
भर्ती की घोषणा के बाद अब युवाओं की नजर चयन प्रक्रिया से जुड़ी औपचारिक जानकारी पर रहेगी। दिसंबर-जनवरी से प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है, लेकिन आवेदन पोर्टल, पदवार आरक्षण, परीक्षा के चरण और भर्ती बोर्ड से संबंधित विवरण अभी सामने नहीं आए हैं। इसलिए उम्मीदवारों को अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर आवेदन या शुल्क जमा करने से बचना चाहिए और आधिकारिक सूचना जारी होने पर ही पात्रता तथा जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि करनी चाहिए।
फिलहाल मुख्यमंत्री की घोषणा से राज्य पुलिस में बड़ी संख्या में नियुक्तियों की संभावना बनी है। 6,345 महिला पुलिसकर्मियों और कोलकाता पुलिस के 4,000 कांस्टेबलों की भर्ती का प्रस्ताव उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से पुलिस सेवा में अवसर तलाश रहे हैं। वास्तविक कार्यक्रम और चयन की शर्तें अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
