कोलकाता पुलिस में 309 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया; सब-इंस्पेक्टर, ट्रैफिक सार्जेंट और आर्म्ड पुलिस के पद शामिल। नशे के अवैध कारोबार और महिला अपराधों पर बिना दबाव कार्रवाई करने का निर्देश
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिसकर्मियों को अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों को सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। ड्यूटी के दौरान किसी तरह का राजनीतिक या बाहरी दबाव बनाया जाता है तो वह खुद पुलिस के साथ ढाल बनकर खड़े होंगे। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर नशे के अवैध कारोबार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री शनिवार को कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने कोलकाता पुलिस के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 309 पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। इनमें पुरुष और महिला सब-इंस्पेक्टर, ट्रैफिक सार्जेंट और आर्म्ड पुलिस के सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं। यानी सभी 309 नियुक्तियां केवल सब-इंस्पेक्टर पदों पर नहीं हैं।
नशे के कारोबार पर कार्रवाई में दबाव स्वीकार नहीं
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि राज्य में नशे के अवैध कारोबार, मादक पदार्थों की तस्करी और इससे जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए। कहीं भी नशे का अड्डा या तस्करी की सूचना मिले तो पुलिस बिना देरी किए कानून के मुताबिक कदम उठाए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते समय यदि किसी पुलिसकर्मी पर बाहरी या राजनीतिक दबाव बनाया जाता है, तो सरकार उसके साथ खड़ी रहेगी। मुख्यमंत्री का संदेश साफ था कि अपराधियों के प्रभाव या पहुंच के कारण पुलिस अपनी कार्रवाई से पीछे न हटे।

महिला अपराधों में तत्काल कार्रवाई का निर्देश
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छेड़छाड़, दुर्व्यवहार या महिलाओं के खिलाफ किसी अन्य अपराध की शिकायत मिलने पर पुलिस को बिना पक्षपात तत्काल कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। आरोपी की पहचान, राजनीतिक संबंध या सामाजिक प्रभाव कार्रवाई में बाधा नहीं बनने चाहिए।
अधिकारी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे कानून के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभाएं। सरकार ऐसे अधिकारियों को कानूनी और प्रशासनिक समर्थन देगी, जो अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ईमानदारी से काम करेंगे।
पुलिस बल में कमी का मुद्दा उठाया
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में पुलिसकर्मियों की संख्या और भर्ती की जरूरत पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि देश में प्रति एक लाख आबादी पर औसतन 155 पुलिसकर्मी हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में यह आंकड़ा करीब 105 है। उनके मुताबिक, कम पुलिस बल के कारण थानों और पुलिस इकाइयों पर काम का दबाव बढ़ता है।
द स्टेट्समैन की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने हाल के एक कार्यक्रम में यही आंकड़े रखते हुए कहा था कि राज्य में पुलिस बल की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। हालांकि, ये आंकड़े मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित सरकारी आंकड़े के रूप में नहीं पेश किया जा रहा है।

भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी आरक्षण की कानूनी अड़चन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती में देरी के लिए पिछली सरकार के समय ओबीसी आरक्षण से जुड़ी कानूनी जटिलताओं को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि इन अड़चनों के कारण कई नियुक्तियां लंबित थीं। अधिकारी के मुताबिक, नई सरकार ने आरक्षण से जुड़े नियमों में बदलाव किया और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में पिछली सरकार की ओर से दायर याचिका वापस ली, जिससे भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।
इससे पहले 4 नवंबर को मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार ने अब तक 63,496 पदों की भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी है या आगे बढ़ाया है और मई 2027 तक एक लाख सरकारी नियुक्तियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है। यह सरकार का घोषित लक्ष्य है, पूरी हो चुकी नियुक्तियों का आंकड़ा नहीं।
प्रशिक्षण और आधुनिकीकरण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने, कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और असम के एक पुलिस प्रशिक्षण संस्थान के साथ समझौता कर चुकी है। प्रशिक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए आगे भी कदम उठाए जाएंगे।
इससे पहले महालया के अवसर पर नेताजी इंडोर स्टेडियम में करीब 11 हजार पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र देने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी थी। इसके अलावा लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सहकारी निरीक्षकों को भी हाल में नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं।

लालबाजार के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नए पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की। उनका कहना था कि पुलिस का काम कानून लागू करना है और अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते समय किसी तरह के दबाव में आने की जरूरत नहीं है।
