भागलपुर: शिक्षा विभाग में अतिरिक्त राशि निकासी और भुगतान से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज कर दी गई है। भागलपुर और बांका में अतिरिक्त राशि भुगतान के 43 मामले अब तक चिन्हित किए गए हैं। इन मामलों में कुल करीब 1.22 करोड़ रुपये की राशि वसूलने की प्रक्रिया चल रही है। क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक की 31 अक्टूबर तक की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों जिलों में अब तक 67.61 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि 55.26 लाख रुपये की राशि अभी वसूल की जानी बाकी है।
विभागीय समीक्षा के दौरान सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, भागलपुर जिले में अतिरिक्त राशि निकासी के 31 मामले अंतिम रूप से चिन्हित किए गए हैं। इन मामलों में 1.04 करोड़ रुपये की वसूली योग्य राशि बताई गई है। इसमें से 53.43 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि 51.24 लाख रुपये की वसूली अभी शेष है। दूसरी ओर, बांका जिले में अतिरिक्त राशि निकासी के 12 मामले सामने आए हैं। यहां 18.20 लाख रुपये की राशि वसूलनी थी, जिसमें से 14.18 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है और 4.01 लाख रुपये अभी बाकी हैं।
औपबंधिक रिपोर्ट के आधार पर चल रही कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह रिपोर्ट फिलहाल औपबंधिक है। इसे अंतिम रिपोर्ट नहीं माना गया है। विभागीय स्तर पर संबंधित मामलों की समीक्षा और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। अंतिम जांच और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूर्ण प्रतिवेदन समर्पित किया जाएगा। अधिकारियों को शेष राशि की वसूली के साथ-साथ अन्य संदिग्ध भुगतान मामलों की भी जांच करने का निर्देश दिया गया है।
फर्जी शिक्षिका के नाम पर 98.12 लाख के भुगतान की जांच
भागलपुर में फर्जी शिक्षिका तनुश्री के नाम पर 98.12 लाख रुपये के कथित गबन का मामला भी जांच के दायरे में है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस मामले में 46.87 लाख रुपये की राशि बैंक खाते में होल्ड कराई गई है। इस प्रकरण में संविदा ऑपरेटर अविनाश राज फिलहाल जेल में बंद है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग उसके परिवार के सदस्यों से संपर्क कर कथित तौर पर गबन की गई राशि वापस करने की अपील कर रहा है।

विभाग इस मामले में उपलब्ध रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहा है। बैंक खाते में राशि होल्ड किए जाने की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि विभाग मामले में वित्तीय नुकसान की भरपाई की दिशा में भी काम कर रहा है। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और अंतिम जिम्मेदारी का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
करीब 350 शिक्षकों के अतिरिक्त भुगतान की भी जांच
पहले से चिन्हित मामलों के अलावा भागलपुर जिले में करीब 350 ऐसे शिक्षकों के भुगतान की भी जांच की जा रही है, जिनके खातों में किसी न किसी रूप में अतिरिक्त राशि जाने की आशंका जताई गई है। इन शिक्षकों की सूची फिलहाल संभावित बताई गई है। अंतिम निर्णय जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) के स्तर पर किया जाएगा। विभाग की ओर से सभी प्रखंडों की सूची जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
शिक्षकों से कहा गया है कि वे अपने-अपने बीआरसी से संपर्क कर सूची की जानकारी लें। यदि किसी शिक्षक के खाते में निर्धारित राशि से अधिक भुगतान हुआ है, तो नियमानुसार अतिरिक्त राशि वापस करने की प्रक्रिया अपनाई जाए। इससे विभाग को वास्तविक अतिरिक्त भुगतान की पहचान करने और सरकारी राशि की वसूली में मदद मिलेगी।
शेष राशि की वसूली पर विभाग का जोर
आरडीडीई सुभाष कुमार गुप्ता के अनुसार, समीक्षा के क्रम में भागलपुर और बांका के जिला शिक्षा पदाधिकारियों ने अतिरिक्त वेतन भुगतान और वसूली से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। दोनों जिलों में 43 मामलों में अतिरिक्त राशि भुगतान की पुष्टि हुई है। अब तक 67.61 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। शेष राशि की वसूली के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने और अन्य संदिग्ध भुगतान मामलों का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।

शिक्षा विभाग के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर पहले से चिन्हित मामलों में शेष राशि की वसूली करनी है, वहीं दूसरी ओर संभावित अतिरिक्त भुगतान के मामलों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी है। विभागीय रिपोर्ट को अंतिम रूप दिए जाने के बाद वसूली और जिम्मेदारी से जुड़े मामलों की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
