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31 अक्टूबर 1941: माउंट रशमोर नेशनल मेमोरियल का निर्माण पूरा—चार राष्ट्रपतियों की विशाल शैल-प्रतिमाएँ

प्रशांत कुमार
Last updated: अक्टूबर 31, 2026 12:11 पूर्वाह्न
By : प्रशांत कुमार
Published on : 1 घंटा पहले
माउंट रशमोर: चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों का स्मारक
माउंट रशमोर: चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों का स्मारक
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अमेरिका के साउथ डकोटा राज्य की ब्लैक हिल्स पर्वतमाला में स्थित माउंट रशमोर नेशनल मेमोरियल दुनिया के सबसे पहचाने जाने वाले राष्ट्रीय स्मारकों में से एक है। ग्रेनाइट की विशाल चट्टान पर अमेरिका के चार राष्ट्रपतियों—जॉर्ज वॉशिंगटन, थॉमस जेफरसन, थियोडोर रूजवेल्ट और अब्राहम लिंकन—के चेहरे उकेरे गए हैं। लगभग 14 वर्षों तक चले इस निर्माण कार्य को 31 अक्टूबर 1941 को पूरा घोषित किया गया। यह स्मारक अमेरिकी इतिहास, राष्ट्रीय पहचान और सार्वजनिक कला का प्रतीक बन गया।

माउंट रशमोर परियोजना की शुरुआत

माउंट रशमोर परियोजना का विचार दक्षिण डकोटा के इतिहासकार डोएन रॉबिन्सन ने 1920 के दशक में आगे बढ़ाया था। उनका उद्देश्य ब्लैक हिल्स क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहाड़ों पर ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की विशाल आकृतियाँ बनवाना था। बाद में परियोजना का स्वरूप बदलकर अमेरिका के चार राष्ट्रपतियों के चित्रों पर केंद्रित हुआ। मूर्तिकार गट्ज़न बोर्गलम ने इस योजना को कलात्मक रूप दिया और निर्माण का नेतृत्व किया।

चार राष्ट्रपतियों को क्यों चुना गया?

स्मारक पर अंकित चारों राष्ट्रपतियों को अमेरिकी इतिहास के अलग-अलग महत्वपूर्ण चरणों का प्रतिनिधि माना जाता है।

  • जॉर्ज वॉशिंगटन: अमेरिका के पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनापति। उन्हें राष्ट्र की स्थापना का प्रतीक माना जाता है।
  • थॉमस जेफरसन: स्वतंत्रता की घोषणा के प्रमुख लेखक और तीसरे राष्ट्रपति। उनका चयन अमेरिकी विस्तार और लोकतांत्रिक आदर्शों से जुड़ा है।
  • थियोडोर रूजवेल्ट: 26वें राष्ट्रपति, जिनका संबंध औद्योगिक विकास, प्रगतिशील सुधारों और संरक्षण नीति से जोड़ा जाता है।
  • अब्राहम लिंकन: 16वें राष्ट्रपति, जिन्होंने अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान संघ को बनाए रखने और दासता समाप्त करने की दिशा में नेतृत्व किया।

नक्काशी का कठिन और जोखिमभरा काम

निर्माण कार्य 1927 में शुरू हुआ। पहाड़ की कठोर ग्रेनाइट चट्टान पर विशाल चेहरे बनाने के लिए ड्रिल, विस्फोटक और हाथ से की जाने वाली बारीक नक्काशी का उपयोग किया गया। हजारों टन पत्थर हटाया गया और कलाकारों तथा श्रमिकों ने कठिन मौसम और ऊँचाई पर काम किया। प्रतिमाओं के चेहरे लगभग 60 फीट ऊँचे हैं। परियोजना में सैकड़ों श्रमिकों ने हिस्सा लिया।

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गट्ज़न बोर्गलम की मृत्यु मार्च 1941 में हो गई। इसके बाद उनके बेटे लिंकन बोर्गलम ने शेष कार्य की देखरेख की। मूल योजना में राष्ट्रपतियों के धड़ और अधिक विस्तृत आकृतियाँ भी शामिल थीं, लेकिन धन की कमी और तकनीकी सीमाओं के कारण परियोजना को चेहरों तक सीमित कर दिया गया।

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31 अक्टूबर 1941: निर्माण कार्य पूरा

31 अक्टूबर 1941 को माउंट रशमोर पर निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से पूरा घोषित किया गया। लगभग 14 वर्षों के प्रयास के बाद चारों राष्ट्रपतियों के विशाल चेहरे पहाड़ पर आकार ले चुके थे। यह परियोजना महामंदी के दौर और उसके बाद की आर्थिक चुनौतियों के बीच आगे बढ़ी। स्मारक ने जल्द ही अमेरिका के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थान बना लिया।

मूल अमेरिकी समुदायों और ब्लैक हिल्स का संदर्भ

माउंट रशमोर का इतिहास केवल राष्ट्रीय स्मारक की निर्माण-कथा तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्र लकोटा सहित कई मूल अमेरिकी समुदायों के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। ब्लैक हिल्स को लेकर अमेरिकी सरकार और मूल निवासी समुदायों के बीच लंबे समय से भूमि-अधिकार और संधियों से जुड़े विवाद रहे हैं। 19वीं सदी में इस क्षेत्र पर अमेरिकी नियंत्रण स्थापित होने और बाद के घटनाक्रमों ने इन समुदायों के इतिहास पर गहरा प्रभाव डाला। इसलिए स्मारक को समझते समय उसके राष्ट्रीय प्रतीकात्मक महत्व के साथ-साथ मूल अमेरिकी दृष्टिकोण और ऐतिहासिक संदर्भ को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।

आज का माउंट रशमोर

आज माउंट रशमोर नेशनल मेमोरियल अमेरिकी राष्ट्रीय उद्यान सेवा (National Park Service) के प्रबंधन में है। यहाँ हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। स्मारक के आसपास संग्रहालय, पैदल मार्ग और व्याख्यात्मक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से आगंतुक इसके निर्माण, कलाकारों और क्षेत्र के इतिहास के बारे में जान सकते हैं। यह स्थल अमेरिकी लोकतंत्र और नेतृत्व की सार्वजनिक स्मृति का हिस्सा है, हालांकि इसके अर्थ और ऐतिहासिक प्रस्तुति पर चर्चा जारी रहती है।

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निष्कर्ष

31 अक्टूबर 1941 को पूरा हुआ माउंट रशमोर नेशनल मेमोरियल इंजीनियरिंग, मूर्तिकला और राष्ट्रीय स्मृति का एक असाधारण उदाहरण है। चार राष्ट्रपतियों के चेहरे अमेरिकी इतिहास के अलग-अलग अध्यायों का प्रतिनिधित्व करते हैं। साथ ही, इस स्मारक का व्यापक इतिहास हमें यह भी याद दिलाता है कि किसी राष्ट्रीय प्रतीक को समझने के लिए उस भूमि और समुदायों के इतिहास को सुनना जरूरी है, जिस पर वह निर्मित हुआ।

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