Dinman Times
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Reading: 27 अक्टूबर 1978: अनवर सादात और मेनाचेम बिगिन को नोबेल शांति पुरस्कार
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Follow US
© 2026. All Rights Reserved.

Home - देश - 27 अक्टूबर 1978: अनवर सादात और मेनाचेम बिगिन को नोबेल शांति पुरस्कार

27 अक्टूबर 1978: अनवर सादात और मेनाचेम बिगिन को नोबेल शांति पुरस्कार

प्रशांत कुमार
Last updated: अक्टूबर 26, 2026 9:59 अपराह्न
By : प्रशांत कुमार
Published on : 57 सेकंड पहले
सादात-बिगिन को नोबेल शांति पुरस्कार: 27 अक्टूबर 1978
सादात-बिगिन को नोबेल शांति पुरस्कार: 27 अक्टूबर 1978
साझा करें

27 अक्टूबर 1978 को मध्य पूर्व में शांति की दिशा में हुए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली। मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात और इजरायल के प्रधानमंत्री मेनाचेम बिगिन को संयुक्त रूप से 1978 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई। यह सम्मान दोनों देशों के बीच संवाद और समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया था।

कैंप डेविड समझौते की पृष्ठभूमि

मिस्र और इजरायल के बीच दशकों से संघर्ष और अविश्वास का माहौल था। 1973 के अरब-इजरायल युद्ध के बाद क्षेत्र में स्थायी शांति की जरूरत और अधिक स्पष्ट हुई। मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात ने इजरायल के साथ बातचीत का रास्ता अपनाया। नवंबर 1977 में उनकी यरुशलम यात्रा ने कूटनीतिक प्रक्रिया को नया मोड़ दिया और दोनों पक्षों के बीच सीधे संवाद की संभावना मजबूत हुई।

कैंप डेविड में बातचीत

अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर की मध्यस्थता में सादात और बिगिन ने सितंबर 1978 में अमेरिका के कैंप डेविड में गहन वार्ता की। 17 सितंबर 1978 को हुए कैंप डेविड समझौतों ने मिस्र-इजरायल शांति प्रक्रिया के लिए रूपरेखा तैयार की। इनमें दोनों देशों के संबंध सामान्य बनाने और व्यापक क्षेत्रीय मुद्दों पर आगे बातचीत करने के प्रावधान शामिल थे। ये समझौते अंतिम शांति संधि नहीं थे, बल्कि उसके लिए आधार बने।

नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा

27 अक्टूबर 1978 को नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने अनवर सादात और मेनाचेम बिगिन को संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की। समिति के निर्णय ने इस बात को रेखांकित किया कि लंबे संघर्ष के बावजूद राजनीतिक नेतृत्व और बातचीत के जरिए समझौते की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। दोनों नेताओं ने 10 दिसंबर 1978 को पुरस्कार ग्रहण किया।

Dinman Times ads 728-90

मिस्र-इजरायल शांति संधि

कैंप डेविड समझौतों के बाद वार्ता जारी रही और 26 मार्च 1979 को मिस्र तथा इजरायल ने औपचारिक शांति संधि पर हस्ताक्षर किए। यह अरब देश और इजरायल के बीच पहली शांति संधि थी। इसके तहत इजरायल ने सिनाई प्रायद्वीप से वापसी की प्रक्रिया पूरी की और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित हुए। हालांकि, इस समझौते का व्यापक अरब-इजरायल संघर्ष पर प्रभाव सीमित और विवादास्पद रहा तथा फिलिस्तीनी प्रश्न का समाधान नहीं हुआ।

ये भी पढ़े

27 अक्टूबर 1945: लूला दा सिल्वा का जन्म और ब्राजील की राजनीति में उनका सफर
27 अक्टूबर 1904: न्यूयॉर्क सिटी सबवे की पहली सेवा शुरू
27 अक्टूबर 1858: थियोडोर रूजवेल्ट का जन्म और अमेरिकी इतिहास में योगदान
27 अक्टूबर 1932: सिल्विया प्लाथ का जन्म और आधुनिक कविता में योगदान

ऐतिहासिक महत्व और सीमाएँ

1978 का नोबेल शांति पुरस्कार इस ऐतिहासिक पहल की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति का प्रतीक बना। इसने दिखाया कि युद्धों के बाद संवाद, मध्यस्थता और राजनीतिक इच्छाशक्ति से ठोस परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। साथ ही, यह भी याद रखना जरूरी है कि मिस्र-इजरायल के बीच शांति स्थापित होने के बावजूद मध्य पूर्व में स्थायी और व्यापक शांति की चुनौती बनी रही।

27 अक्टूबर 1978 की ऐतिहासिक सीख: शांति केवल समझौते पर हस्ताक्षर करने से नहीं, बल्कि निरंतर बातचीत, भरोसा कायम करने और विवादों के समाधान के लिए दीर्घकालिक प्रयासों से आगे बढ़ती है।

TAGGED:India NewsWorld Newsअनवर सादातमेनाचेम बिगिन
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर लूला दा सिल्वा: ब्राजील की राजनीति का प्रमुख चेहरा 27 अक्टूबर 1945: लूला दा सिल्वा का जन्म और ब्राजील की राजनीति में उनका सफर
Google prefered

गूगल पर फेवरेट बनाएँ

ये भी पढ़ें

सादात-बिगिन को नोबेल शांति पुरस्कार: 27 अक्टूबर 1978

27 अक्टूबर 1978: अनवर सादात और मेनाचेम बिगिन को नोबेल शांति पुरस्कार

लूला दा सिल्वा: ब्राजील की राजनीति का प्रमुख चेहरा

27 अक्टूबर 1945: लूला दा सिल्वा का जन्म और ब्राजील की राजनीति में उनका सफर

न्यूयॉर्क सबवे की शुरुआत: 27 अक्टूबर 1904

27 अक्टूबर 1904: न्यूयॉर्क सिटी सबवे की पहली सेवा शुरू

थियोडोर रूजवेल्ट: अमेरिकी राष्ट्रपति और नोबेल विजेता

27 अक्टूबर 1858: थियोडोर रूजवेल्ट का जन्म और अमेरिकी इतिहास में योगदान

सिल्विया प्लाथ: आधुनिक कविता की प्रभावशाली आवाज़

27 अक्टूबर 1932: सिल्विया प्लाथ का जन्म और आधुनिक कविता में योगदान

Dinman Ads

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • विदेश
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • बिज़नेस

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?