पटना: विजयादशमी पर राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान एक बार फिर भव्य रावण वध समारोह का गवाह बनने जा रहा है। मंगलवार, 20 अक्टूबर को होने वाले 71वें श्री रामलीला महोत्सव के मुख्य आयोजन में इस बार 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। मेघनाद का पुतला 85 फीट और कुंभकर्ण का 80 फीट ऊंचा होगा। विशाल पुतलों के साथ इको-फ्रेंडली आतिशबाजी, रामलीला की प्रस्तुति और शोभायात्रा कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण से आगे बढ़ चुकी हैं और जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था के लिए विस्तृत इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के गांधी मैदान पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने प्रवेश-निकास द्वारों पर निगरानी, पुलिस बल की तैनाती और आसपास की सड़कों पर यातायात नियंत्रण पर विशेष जोर दिया है।
90 फीट का रावण, 85 फीट मेघनाद और 80 फीट कुंभकर्ण
इस साल गांधी मैदान में रावण का पुतला 90 फीट ऊंचा बनाया गया है। मेघनाद का पुतला 85 फीट और कुंभकर्ण का 80 फीट ऊंचा होगा। आयोजकों के मुताबिक, बारिश से बचाव के लिए पुतलों की संरचना में स्टील पाइप का इस्तेमाल किया गया है। मैदान में दो मंजिला ‘सोने की लंका’ भी तैयार की गई है, जो समारोह की सज्जा का हिस्सा होगी।
रावण दहन के बाद पर्यावरण पर प्रभाव कम रखने के उद्देश्य से इको-फ्रेंडली आतिशबाजी की योजना है। आयोजकों ने महिलाओं के लिए अलग बैठने की व्यवस्था सहित दर्शकों की सुविधा पर भी ध्यान देने की बात कही है।

कब शुरू होगा रावण वध कार्यक्रम?
कार्यक्रम मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर आयोजित होगा। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार, रावण वध समारोह शाम करीब 4:30 बजे शुरू होने और लगभग 6 बजे तक चलने की संभावना है। इससे पहले नागा बाबा ठाकुरबाड़ी से शोभायात्रा निकलेगी, जो कदमकुआं और बाकरगंज होते हुए गांधी मैदान के गेट नंबर 1 तक पहुंचेगी। शोभायात्रा में राम की सेना, हनुमान और वानर सेना की वेशभूषा में कलाकार शामिल होंगे।
गांधी मैदान में 71वें श्री रामलीला महोत्सव के तहत रामलीला का मंचन भी किया जा रहा है। दिल्ली से आई सांस्कृतिक टीम आधुनिक प्रस्तुति के साथ रामलीला दिखा रही है, जिसमें डिजिटल स्क्रीन पर प्रसंगों के अनुरूप दृश्य प्रदर्शित किए जा रहे हैं। आयोजकों के कार्यक्रम के अनुसार, 21 अक्टूबर को गांधी मैदान में भरत मिलाप का आयोजन भी प्रस्तावित है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत कई अतिथियों के पहुंचने की संभावना
समारोह में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। बड़ी संख्या में आम लोगों के साथ विशिष्ट अतिथियों के पहुंचने को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारी की है।
गांधी मैदान चार सेक्टर में बांटा जाएगा
भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए गांधी मैदान को चार सेक्टरों में बांटकर सेक्टर पदाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। मैदान के सभी 14 प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की व्यवस्था बताई गई है। प्रवेश द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर नजर रखी जाएगी। वाच टावर और अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था के जरिए लोगों की आवाजाही पर ध्यान दिया जाएगा।

प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित स्थानों पर समय से मौजूद रहें और भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखें। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और सार्वजनिक घोषणाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
20 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से यातायात में बदलाव
रावण वध के दौरान भीड़ और वीआईपी आवाजाही को देखते हुए पटना यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया है। मंगलवार सुबह 11 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने, भीड़ छंटने और यातायात सामान्य होने तक गांधी मैदान की ओर जाने वाले कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। आपातकालीन वाहनों और अधिकृत पास वाले वाहनों को नियमानुसार छूट दी जाएगी।
- डाकबंगला चौराहा और भट्टाचार्य मोड़: यहां से गांधी मैदान की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। न्यू डाकबंगला रोड से एसपी वर्मा रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर भी प्रतिबंध रहेगा।
- जेपी गंगा पथ और जेपी गोलंबर: आयुक्त कार्यालय के सामने स्थित गोलंबर से गांधी मैदान की ओर वाहनों का प्रवेश रोका जाएगा। रामगुलाम चौक से पश्चिम जेपी गोलंबर की ओर भी परिचालन प्रतिबंधित रहेगा।
- बाकरगंज और ठाकुरबाड़ी मोड़: इन मोड़ों से गांधी मैदान की दिशा में वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। होटल पनास, मौर्या होटल, ट्विन टावर और आईएमए हॉल के आसपास के कटिंग से भी मैदान की ओर जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
- अशोक राजपथ: गोविंद मित्रा रोड मोड़ से पश्चिम कारगिल चौक की ओर वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा।
- बुद्ध मार्ग और नेहरू पथ: बुद्ध मार्ग पर कोतवाली टी से पुलिस लाइन तिराहे तक गांधी मैदान की ओर जाने वाले रास्ते बंद रहेंगे। नेहरू पथ से आने वाले व्यावसायिक वाहनों को आयकर गोलंबर के पास वैकल्पिक मार्ग पर भेजा जाएगा।
यातायात व्यवस्था के तहत डाकबंगला चौराहे से वाहनों को न्यू डाकबंगला रोड की ओर और भट्टाचार्य मोड़ से राजेंद्र पथ की तरफ मोड़ा जा सकता है। कार्यक्रम में आने वाले लोगों को सलाह है कि घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की जानकारी लें, प्रतिबंधित सड़कों से बचें और जहां संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
गांधी मैदान की रावण वध परंपरा 1955 से जारी
गांधी मैदान का रावण वध समारोह पटना के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में गिना जाता है। इस परंपरा की शुरुआत 1955 में हुई थी। समय के साथ यह आयोजन शहर के दशहरा उत्सव का अहम हिस्सा बन गया है और हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं। इस बार 71वें वर्ष में प्रवेश कर रहे समारोह में विशाल पुतलों, रामलीला, शोभायात्रा और आतिशबाजी के जरिए विजयादशमी का संदेश दिया जाएगा।

आयोजन का मुख्य संदेश बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर न्याय की जीत का है। प्रशासन और आयोजकों के सामने इस बार सबसे बड़ी जिम्मेदारी यही है कि उत्सव की भव्यता के साथ दर्शकों की सुरक्षा, भीड़ का सुचारु प्रबंधन और यातायात व्यवस्था भी बनी रहे।
