आरा। नाबालिग लड़की से छेड़खानी करने और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में आरा की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी शशि कुमार को तीन वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला सोमवार को पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सह षष्टम एडीजे आशुतोष कुमार उपाध्याय की अदालत ने सुनाया।
मामला भोजपुर जिले के पीरो थाना क्षेत्र से जुड़ा है। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से संबंधित साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपना पक्ष रखा। अभियोजन की ओर से पॉक्सो की विशेष लोक अभियोजक सरोज कुमारी ने बहस की।
सहेली के घर से लौट रही थी 16 वर्षीय लड़की
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 26 जुलाई 2019 की है। उस समय 16 वर्षीय लड़की अपनी सहेली के घर बचरी गई थी। वहां से वापस लौटने के दौरान आरोपी शशि कुमार ने कथित तौर पर उसके साथ छेड़खानी की और उसका वीडियो बना लिया।
अभियोजन के मुताबिक, लड़की ने विरोध करते हुए शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचने लगे। लोगों को आते देख आरोपी मौके से भाग गया।

मामले में आगे आरोप लगाया गया कि आरोपी ने बाद में लड़की का बनाया हुआ वीडियो वायरल कर दिया। घटना के बाद पीड़िता की ओर से संबंधित थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
कोर्ट में पांच गवाहों की हुई गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल पांच गवाहों की गवाही अदालत में कराई गई। अभियोजन ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोपों को साबित करने की कोशिश की।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुना। इसके बाद सजा के बिंदु पर भी सुनवाई हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को संबंधित धाराओं के तहत दोषी माना।
पॉक्सो एक्ट और भादवि की धारा 354 में दोषी
अदालत ने आरोपी शशि कुमार को पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 354 के तहत दोषी पाया। इसके बाद कोर्ट ने उसे तीन वर्ष की कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पीड़िता की उम्र घटना के समय 16 वर्ष बताई गई थी। नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में पॉक्सो कानून के तहत सुनवाई की जाती है। अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अपना फैसला सुनाया।
लंबे समय बाद आया अदालत का फैसला
घटना 2019 की है और अब अदालत ने मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष गवाहों के बयान और अन्य संबंधित तथ्यों को रखा।
पॉक्सो विशेष लोक अभियोजक सरोज कुमारी ने अभियोजन की ओर से मामले में बहस की। अदालत के फैसले के बाद आरोपी को सुनाई गई सजा अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
अदालत का यह फैसला नाबालिग से छेड़खानी और उसके वीडियो को सार्वजनिक किए जाने जैसे आरोपों वाले मामले में आया है। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।

