Patna News: पटना में मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण को लेकर सरकार ने अब रफ्तार बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को निर्माणाधीन हिस्सों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को वर्ष 2028 तक परियोजना का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया। निरीक्षण के दौरान नेहरू पथ पर दो फुट ओवरब्रिज बनाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि निर्माण कार्य के बीच पैदल यात्रियों की आवाजाही सुगम बनी रहे।
नेहरू पथ पर निर्माण कार्य का लिया जायजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इनकम टैक्स गोलंबर, हाईकोर्ट चौराहा और हनुमान मंदिर के आसपास चल रहे कार्यों की प्रगति को देखा और संबंधित अधिकारियों से परियोजना की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मेट्रो परियोजना के निर्माण में अब तेजी लाई जाए और 2028 तक निर्माण कार्य पूरा करने के लक्ष्य के अनुरूप काम किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि काम की गति बढ़ाने के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
पैदल यात्रियों के लिए दो फुट ओवरब्रिज
पटना मेट्रो के निर्माण के साथ शहर की सड़कों पर आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसे लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। नेहरू पथ पर दो फुट ओवरब्रिज बनाने का फैसला इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इनमें एक फुट ओवरब्रिज जेडी विमेंस कॉलेज के पास और दूसरा हाईकोर्ट चौराहा-बिहार म्यूजियम के समीप बनाए जाने का निर्देश दिया गया है। इन फुट ओवरब्रिज के बनने से व्यस्त सड़क पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
निर्माण के साथ ट्रैफिक व्यवस्था पर भी जोर
पटना जैसे घनी आबादी वाले शहर में मेट्रो का निर्माण अपने साथ यातायात से जुड़ी कई चुनौतियां भी लेकर आता है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण स्थलों के आसपास यातायात प्रबंधन, पैदल आवाजाही और नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं को गति देना जरूरी है, लेकिन इसका असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर न्यूनतम होना चाहिए। निर्माण के दौरान सड़क पर यातायात का संचालन व्यवस्थित रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत
पटना मेट्रो को राजधानी की भविष्य की परिवहन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माण से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में काम की रफ्तार एक-दूसरे के अनुरूप रहे, ताकि निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में अनावश्यक विलंब न हो।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जाए। परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा, गुणवत्ता और जनसुविधा को समान महत्व दिया जाए।
निरीक्षण में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित मेट्रो परियोजना और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी निर्माण कार्य की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
पटना के लिए क्यों अहम है मेट्रो?
पटना में मेट्रो रेल को राजधानी की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं के समाधान के तौर पर देखा जा रहा है। मेट्रो सेवा के विस्तार से सड़क यातायात पर दबाव कम करने, आवागमन को अधिक व्यवस्थित बनाने और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्र सरकार के मार्च 2026 के संसदीय उत्तर में पटना मेट्रो परियोजना की पूर्ण कमीशनिंग सितंबर 2030 बताई गई थी, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अब 2028 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित करने की बात कही है। इसलिए 2028 को फिलहाल राज्य सरकार द्वारा तय किया गया निर्माण-लक्ष्य समझना उचित होगा।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के ताजा निर्देशों से संकेत मिलता है कि पटना मेट्रो के निर्माण को लेकर सरकार समयबद्धता और निगरानी दोनों पर जोर दे रही है। अब चुनौती यह होगी कि निर्माण की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता, सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था के बीच संतुलन किस तरह कायम रखा जाता है
