2 मिनट 00.72 सेकंड का समय निकालकर पदक से महज 0.56 सेकंड दूर रहे नालंदा के बधिर एथलीट, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का किया प्रतिनिधित्व
हरनौत (Nalanda)। ग्रामीण बिहार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचने वाले नालंदा के बधिर एथलीट अनुपम कुमार ने मलेशिया के पेनांग में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में अपने प्रदर्शन से जिले का नाम रोशन किया।
पुरुषों की 800 मीटर दौड़ के फाइनल में अनुपम ने 2 मिनट 00.72 सेकंड का समय निकालकर चौथा स्थान हासिल किया। वह पदक से भले ही चूक गए, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
7 अक्टूबर 2026 को खेले गए 800 मीटर फाइनल में अनुपम ने पूरी प्रतिस्पर्धा के दौरान मजबूत प्रदर्शन किया। पदक की दौड़ में वह तीसरे स्थान पर रहे मलेशियाई खिलाड़ी से महज 0.56 सेकंड पीछे रह गए। मामूली अंतर से पदक से चूकने के बावजूद अनुपम ने भारत के प्रमुख बधिर एथलीटों के बीच अपनी जगह मजबूत की है।

800 मीटर फाइनल का पूरा परिणाम
- अली अलीजादेह (ईरान) — 1 मिनट 57.09 सेकंड — प्रथम स्थान
- दाइची नाकामुरा (जापान) — 1 मिनट 59.88 सेकंड — द्वितीय स्थान
- अज़लान कुस्ते (मलेशिया) — 2 मिनट 00.16 सेकंड — तृतीय स्थान
- अनुपम कुमार (भारत) — 2 मिनट 00.72 सेकंड — चतुर्थ स्थान
ईरान के खिलाड़ी ने जीता स्वर्ण पदक
प्रतियोगिता के आधिकारिक परिणाम के अनुसार, पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में अली अलीजादेह (ईरान) ने 1 मिनट 57.09 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। जापान के दाइची नाकामुरा 1 मिनट 59.88 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
वहीं मेजबान मलेशिया के अज़लान कुस्ते ने 2 मिनट 00.16 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। भारत के अनुपम कुमार ने 2 मिनट 00.72 सेकंड में दौड़ पूरी कर चौथा स्थान प्राप्त किया। इस तरह कांस्य पदक और अनुपम के प्रदर्शन के बीच अंतर बेहद कम रहा।
महमूदपुर बलवा गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक सफर
अनुपम कुमार हरनौत प्रखंड के महमूदपुर बलवा गांव के रहने वाले हैं। वह पप्पू यादव के पुत्र और सुरेंद्र यादव के पौत्र हैं। सीमित ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंचना अनुपम की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
उनके खेल सफर को नालंदा में आगे बढ़ाने में कोच एवं सचिव कुंदन कुमार पांडेय तथा नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। लगातार प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अनुभव ने अनुपम को राष्ट्रीय स्तर की बधिर एथलेटिक्स टीम तक पहुंचने में मदद की।

गुरुग्राम में जारी है प्रशिक्षण
वर्तमान में अनुपम कुमार हरियाणा के गुरुग्राम स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में कोच जितेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण और संवाद के दौरान सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ किशोरी जाजोदिया का भी सहयोग उन्हें मिल रहा है।
अनुपम की तैयारी में परिवार, प्रशिक्षकों और खेल से जुड़े लोगों का सहयोग लगातार बना हुआ है। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्र से निकलने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर हासिल किया।
नालंदा के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
भारतीय राष्ट्रीय बधिर एथलेटिक्स टीम में चयन और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व अनुपम के खेल जीवन की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। उनके प्रदर्शन पर बिहार स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ द डेफ के महासचिव मोहम्मद अतहर अली, नालंदा के खेलप्रेमियों और नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
अनुपम कुमार की कहानी नालंदा के उन युवा और बधिर खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही है, जो संसाधनों और सुविधाओं की सीमाओं के बावजूद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। 800 मीटर फाइनल में पदक से महज 0.56 सेकंड दूर रहना यह भी दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रदर्शन प्रतिस्पर्धी रहा।

अब खेलप्रेमियों को उम्मीद है कि अनुपम आगामी प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए भारत के लिए पदक जीतने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
