Diwali और छठ पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत की तैयारी की है। जिन रूट्स पर टिकटों की मांग और waiting list तेजी से बढ़ेगी, वहां demand के हिसाब से अतिरिक्त special trains चलाने की योजना है। हालांकि, नई ट्रेन चलने पर waiting ticket अपने-आप confirm नहीं होगा।
नई दिल्ली: दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले ट्रेन टिकटों की बढ़ती मांग यात्रियों के लिए हर साल बड़ी परेशानी बन जाती है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात और पंजाब जैसे बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में confirmed tickets जल्दी खत्म हो जाते हैं और waiting list लंबी होती जाती है।
इस festive rush को देखते हुए Indian Railways ने Train on Demand (TOD) के जरिए अतिरिक्त सेवाएं चलाने की तैयारी की है। रेलवे waiting list और passenger demand के real-time data को monitor करके जरूरत वाले routes पर अतिरिक्त trains की planning कर रहा है।
क्या है ‘Train On Demand’?
Train on Demand का सीधा मतलब है कि रेलवे उन routes पर अतिरिक्त train services उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा जहां passenger demand ज्यादा दिखाई देगी।

North Central Railway के मुताबिक, 19 सितंबर 2026 तक 1,053 Train on Demand trips की घोषणा की जा चुकी थी। ये services 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक के 61-day festive period में अलग-अलग frequencies के साथ चलने वाली हैं। Demand बढ़ने पर इस list को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
यानी रेलवे पहले से तय किए गए कुछ अतिरिक्त services के साथ-साथ waiting list और booking demand को देखकर जरूरत वाले routes पर capacity बढ़ाने की कोशिश करेगा।
Waiting बढ़ी तो क्या होगा?
यदि किसी particular route पर bookings तेजी से बढ़ती हैं और waiting list ऊंची होती जाती है, तो रेलवे उपलब्ध resources के आधार पर वहां additional special train चलाने का फैसला कर सकता है।
Times Now की रिपोर्ट के अनुसार, जरूरत पड़ने पर कुछ services की घोषणा यात्रा से 24 से 48 घंटे पहले भी हो सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर route पर ऐसा निश्चित रूप से होगा। यह train availability, demand और operational feasibility पर निर्भर करेगा।

इसलिए यात्रियों को रेलवे की latest special-train announcements पर नजर रखनी होगी।
क्या Waiting Ticket अपने-आप Confirm हो जाएगा?
नहीं।
यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।
अगर आपकी मौजूदा train में ticket waiting पर है और रेलवे उसी route पर एक नई special train announce करता है, तो नई train में उपलब्ध seat के लिए अलग से booking करनी होगी।

नई special train चलने का मतलब यह नहीं है कि पुरानी train की waiting list अपने-आप समाप्त हो जाएगी या सभी waiting tickets confirmed हो जाएंगे।
यात्रियों को इसलिए केवल मौजूदा waiting ticket पर निर्भर रहने के बजाय alternative special trains की availability भी check करनी चाहिए।
General Special Trains का भी विकल्प
जिन यात्रियों को reserved ticket नहीं मिल पाता, उनके लिए रेलवे unreserved general special trains भी चला सकता है।
इन trains में advance reservation की जरूरत नहीं होती। यात्री applicable general ticket लेकर यात्रा कर सकते हैं।

हालांकि, festival rush के दौरान ऐसी trains में भी भीड़ काफी ज्यादा हो सकती है। इसलिए passengers को यात्रा से पहले train timing, route और ticketing arrangements जरूर verify करने चाहिए।
1,000 से ज्यादा TOD trips की तैयारी
North Central Railway ने festive season के लिए बड़े पैमाने पर Train on Demand services की योजना बनाई है।
19 सितंबर तक 1,053 TOD trips घोषित किए गए थे। इन services में Delhi, Prayagraj, Kanpur, Kolkata, Jhansi, Gwalior, Pune, Agra और अन्य महत्वपूर्ण destinations से जुड़े routes शामिल हैं।
कुछ trains पूरे festive period में एक या दो बार चलेंगी, जबकि कुछ services सप्ताह में एक या दो बार operate करने के लिए निर्धारित की गई हैं।

इससे रेलवे को peak demand को route-wise manage करने में मदद मिल सकती है।
Diwali-Chhath पर किन routes पर ज्यादा दबाव?
हर साल festive season में सबसे ज्यादा pressure उन routes पर देखा जाता है जहां metropolitan cities से migrant workers और अन्य passengers अपने hometowns लौटते हैं।
खास तौर पर:
दिल्ली से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश
मुंबई से बिहार और उत्तर प्रदेश
गुजरात से उत्तर प्रदेश और बिहार
पंजाब से उत्तर प्रदेश और बिहार
दिल्ली/एनसीआर से पूर्वांचल और बिहार

जैसे corridors पर demand बढ़ सकती है।
इसीलिए रेलवे booking patterns और waiting list को देखकर additional services की planning कर रहा है।
रेलवे पहले ही 100 से ज्यादा Special Trains घोषित कर चुका
Train on Demand के अलावा विभिन्न railway zones ने festive season के लिए 100 से ज्यादा special trains की घोषणा पहले ही कर दी है।
इनका उद्देश्य Durga Puja, Diwali और Chhath के दौरान बढ़ने वाली passenger demand को accommodate करना है। Services में Bihar, Uttar Pradesh, West Bengal, Assam, Tamil Nadu, Andhra Pradesh और कई दूसरे states से जुड़े routes शामिल हैं।

कुछ regular trains में अतिरिक्त coaches भी जोड़े गए हैं ताकि ज्यादा passengers को accommodate किया जा सके।
यात्रियों के लिए VIKALP भी उपयोगी
यदि किसी passenger की original train में confirmed berth नहीं मिलती, तो booking के दौरान उपलब्ध VIKALP option भी एक alternative हो सकता है।
VIKALP के जरिए passenger को alternative train में accommodation मिलने का मौका दिया जाता है, लेकिन यह availability पर निर्भर करता है और guaranteed confirmation नहीं है।
इसलिए इसे भी confirmed ticket की guarantee के तौर पर नहीं समझना चाहिए।

Current Booking भी एक विकल्प
अगर chart preparation के बाद कुछ seats या berths cancellations की वजह से उपलब्ध रह जाती हैं, तो Current Booking के जरिए उन seats की booking हो सकती है।
Indian Railways के अनुसार current booking last-minute available accommodation के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। लेकिन यह system नई seats create नहीं करता; केवल उपलब्ध हुई या खाली बची accommodation को book करने की सुविधा देता है।
इसलिए यात्रियों के लिए festive travel के दौरान सिर्फ booking के शुरुआती status को देखकर निराश होना जरूरी नहीं है।
Waiting Ticket वालों को क्या करना चाहिए?
अगर आपकी ticket waiting में है, तो इन बातों का ध्यान रखें:

1. Special train announcements check करें:
अपने route पर रेलवे की नई services की जानकारी नियमित रूप से देखें।
2. नई special train के लिए अलग booking करें:
पुरानी waiting ticket automatically नई train में transfer नहीं होगी।
3. VIKALP option देखें:
यदि applicable हो तो alternative train accommodation का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है।
4. Current Booking check करें:
Chart preparation के बाद उपलब्ध seats के लिए current booking एक option हो सकती है।

5. Fully waitlisted e-ticket लेकर platform पर न पहुंचें:
IRCTC के नियमों के अनुसार chart preparation के बाद पूरी तरह waitlisted e-ticket वाले passengers के नाम chart से drop हो जाते हैं और उन्हें reserved accommodation के साथ यात्रा की अनुमति नहीं होती।
इस बार रेलवे का फोकस सिर्फ ट्रेन बढ़ाने पर नहीं
Festive season में समस्या केवल seats की कमी नहीं होती। बड़े stations पर passenger crowd भी चुनौती बन जाता है।
रेलवे ने पहले से crowd management के लिए holding areas, access control और अतिरिक्त staff जैसी व्यवस्थाओं पर भी काम किया है। पिछले festive planning में 73 high-rush stations पर permanent holding areas और confirmed-ticket passengers के लिए controlled platform access की योजना बनाई गई थी।
इस बार भी crowd management को additional train services के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या इससे हर यात्री को Confirmed Seat मिलेगी?
ऐसी कोई guarantee नहीं है।
Train on Demand का उद्देश्य अतिरिक्त capacity उपलब्ध कराना है, ताकि high-demand routes पर passengers के लिए ज्यादा seats और berths उपलब्ध हो सकें।
लेकिन किसी specific passenger को confirmed berth मिलेगी या नहीं, यह train, route, booking time और available accommodation पर निर्भर करेगा।
इसलिए headline का मतलब “waiting खत्म होने की संभावना बढ़ेगी” है, न कि “हर waiting ticket confirmed हो जाएगा।”

Bottom Line
दिवाली और छठ के दौरान बढ़ती train-ticket demand को देखते हुए Indian Railways ने Train on Demand और festival special trains के जरिए capacity बढ़ाने की तैयारी की है।
North Central Railway ने 19 सितंबर तक 1,053 TOD trips घोषित किए थे और demand बढ़ने पर इस संख्या को आगे बढ़ाने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा, देश के अलग-अलग railway zones ने festive rush के लिए 100 से ज्यादा special trains की घोषणा की है।
हालांकि, यात्रियों को यह बात याद रखनी चाहिए कि नई special train चलने से मौजूदा waiting ticket अपने-आप confirm नहीं होगा। नई service में अलग से ticket booking करनी होगी।

इसलिए अगर दिवाली या छठ पर घर जाने की योजना है और मौजूदा ticket waiting में है, तो रेलवे की special-train announcements, VIKALP और उपलब्ध होने पर current booking जैसे विकल्पों पर नजर रखना सबसे बेहतर रणनीति होगी।
