मांझा। बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी गोपालगंज के दियारा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। मांझा प्रखंड की निमुईया पंचायत में गंडक नदी का कटाव तेज हो गया है, जिससे नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, निमुईया के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। नदी का कटाव विद्यालय के बेहद करीब पहुंच चुका है और तेज धारा लगातार किनारे की जमीन को अपने साथ बहा रही है।
बाढ़ के दौरान विद्यालय परिसर तक पानी पहुंच गया था। अब जलस्तर घटने के बाद नदी की धारा के किनारे कटाव की रफ्तार बढ़ गई है। विद्यालय और नदी के बीच बची जमीन लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में यदि कटाव इसी गति से जारी रहा तो विद्यालय भवन के नदी की धारा में समा जाने का खतरा बढ़ सकता है।
पानी उतरते ही बढ़ी कटाव की रफ्तार
दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी कम होने के साथ ग्रामीणों को उम्मीद थी कि हालात सामान्य होंगे, लेकिन इसके उलट अब गंडक का कटाव नई चुनौती बनकर सामने आया है। निमुईया पंचायत के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय के समीप जमीन तेजी से कट रही है।
कटाव के कारण विद्यालय के आसपास का भू-भाग लगातार कमजोर हो रहा है। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि यदि समय रहते नदी की धारा को नियंत्रित करने के लिए बचाव कार्य नहीं किया गया तो स्कूल भवन को बचाना मुश्किल हो सकता है।

इससे पहले भी सितंबर के अंत में विद्यालय के आसपास कटाव की स्थिति सामने आई थी। उस समय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था और प्रशासन की ओर से निगरानी की बात कही गई थी।
विद्यालय भवन पर मंडरा रहा खतरा
नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई होती है। ऐसे में विद्यालय भवन के पास लगातार हो रहा कटाव केवल सरकारी संपत्ति के लिए खतरा नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता का विषय बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी की तेज धारा जिस तरह विद्यालय के करीब पहुंच रही है, उसे देखते हुए तत्काल कटावरोधी उपाय जरूरी हैं। यदि बचाव कार्य में देरी हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय के आसपास तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराया जाए, ताकि भवन और आसपास की जमीन को गंडक की धारा में जाने से बचाया जा सके।

पहले बाढ़, अब कटाव से दोहरी परेशानी
निमुईया पंचायत और आसपास के दियारा क्षेत्रों में हाल के दिनों में बाढ़ का असर भी देखने को मिला था। सितंबर के दौरान मांझा प्रखंड की कई पंचायतों के वार्ड बाढ़ की चपेट में आए थे और कई विद्यालयों में पानी प्रवेश करने की सूचना सामने आई थी। निमुईया के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में भी बाढ़ प्रभावित लोगों ने शरण ली थी।
अब पानी घटने के बाद कटाव ने ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ा दी है। एक तरफ लोग बाढ़ से हुए नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी ओर नदी की धारा लगातार जमीन काट रही है।
प्रशासन को दी गई कटाव की सूचना
विद्यालय के पास कटाव की स्थिति को लेकर प्रशासन को सूचना दी गई है। पूर्व में बीडीओ वैभव शुक्ला ने बताया था कि विद्यालय के करीब कटाव की जानकारी मिलने के बाद जल संसाधन विभाग को सूचना दी गई थी। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखने की बात कही गई थी।
फिलहाल ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग यही है कि नदी का कटाव विद्यालय भवन तक पहुंचने से पहले प्रभावी बचाव कार्य कराया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने पर विद्यालय और आसपास की जमीन को सुरक्षित किया जा सकता है।

गंडक की धारा का रुख और कटाव की रफ्तार आने वाले दिनों में स्थिति को तय करेगी। ऐसे में विद्यालय के आसपास लगातार निगरानी और जरूरत के अनुसार तत्काल कटावरोधी कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
