जमुई सदर अस्पताल में एक गर्भवती और एक प्रसूता की मौत की सूचना के बाद बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह अस्पताल पहुंचीं।
ड्यूटी से महिला चिकित्सक के कथित तौर पर अनुपस्थित रहने को लेकर मंत्री ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
Jamui Sadar Hospital में दो महिलाओं की मौत के बाद रविवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री तथा जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल में पहुंचने के बाद उन्होंने परिजनों और मौजूद लोगों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद ड्यूटी व्यवस्था और चिकित्सकीय लापरवाही को लेकर उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर नाराजगी जताई।
मामला महिला चिकित्सक शालिनी सिंह के कथित तौर पर रातभर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि इसी दौरान अस्पताल में एक गर्भवती महिला और एक प्रसूता की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी थी।

मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से सवाल-जवाब किया। इस दौरान अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार और इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
दो मौतों की सूचना पर अस्पताल पहुंचीं मंत्री
घटना की जानकारी मिलने के बाद श्रेयसी सिंह रविवार दोपहर बाद सदर अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले मृतक महिलाओं के परिजनों से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी लेने की कोशिश की। परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और डॉक्टर की मौजूदगी को लेकर अपनी शिकायतें मंत्री के सामने रखीं।
मंत्री ने मौके पर मौजूद अस्पताल अधिकारियों से भी जवाब मांगा। इसी दौरान उनका गुस्सा सामने आया और उन्होंने अस्पताल प्रशासन को लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेने की हिदायत दी।
श्रेयसी सिंह ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सुविधा मिलना जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

ड्यूटी से डॉक्टर के गायब रहने के आरोप पर नाराजगी
पूरे विवाद का केंद्र महिला चिकित्सक शालिनी सिंह की कथित गैरमौजूदगी है। आरोप है कि वह रातभर ड्यूटी पर मौजूद नहीं थीं। इसी दौरान अस्पताल में दो महिलाओं की मौत हो गई।
मंत्री ने इस मामले में अस्पताल उपाधीक्षक और अन्य संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से जवाब मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इस दौरान अस्पताल परिसर में मृतकों के परिजनों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद थे। मंत्री और अस्पताल प्रशासन के बीच हुई बातचीत और फटकार का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात भी सामने आई है।
डीएस को कार्रवाई के निर्देश, डीएम से भी की मुलाकात
अस्पताल में अधिकारियों से बातचीत के बाद श्रेयसी सिंह ने सदर अस्पताल उपाधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद वह जिलाधिकारी के आवास पर पहुंचीं और पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग की।

मंत्री ने कहा कि यदि जांच में महिला चिकित्सक शालिनी सिंह या किसी अन्य स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही साबित होती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की बात भी कही।
यह पहला मौका नहीं है जब श्रेयसी सिंह ने जमुई सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई हो। सितंबर 2025 में भी अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई थी। Live Hindustan
डीएम ने जांच के लिए टीम गठित करने की बात कही
मामले में जिलाधिकारी नवीन की ओर से जांच टीम गठित किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रशासन के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जांच में यह देखा जाएगा कि दोनों महिलाओं की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उस समय अस्पताल में कौन-कौन से चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर थे और मरीजों को समय पर आवश्यक उपचार मिला था या नहीं।

फिलहाल मामले में प्रशासनिक जांच जारी है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अस्पताल की व्यवस्था में कहां चूक हुई और किसी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी की जिम्मेदारी बनती है या नहीं।
जमुई सदर अस्पताल की इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे चिकित्सकीय उपलब्धता, ड्यूटी व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर है।
