Rohtas News: रोहतास के डेहरी आनसोन में RPF ने पुरुलिया-आनंद विहार एक्सप्रेस से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों खुद को टीटीई बताकर यात्रियों के टिकट जांच रहे थे और उनसे अवैध रूप से पैसे वसूल रहे थे। तलाशी के दौरान एक आरोपी के पास से यात्रियों के चोरी किए गए दो एंड्रायड मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
पुरुलिया-आनंद विहार एक्सप्रेस में RPF की कार्रवाई
मामला गाड़ी संख्या 14021 अप पुरुलिया-आनंद विहार एक्सप्रेस का है। आरपीएफ की टीम ने शनिवार को ट्रेन के डेहरी आनसोन स्टेशन पहुंचने के बाद जांच अभियान चलाया। प्लेटफार्म संख्या दो पर ट्रेन के पहुंचते ही टीम ने एस-5 कोच में निगरानी और जांच शुरू की।
इसी दौरान जवानों की नजर दो संदिग्ध युवकों पर पड़ी। दोनों हाथ में कलम लेकर यात्रियों को जगाते और उनके टिकट की जांच करते दिखाई दिए। उनकी गतिविधियों पर संदेह होने के बाद आरपीएफ कर्मियों ने दोनों से पूछताछ की और टीटीई के रूप में काम करने का प्राधिकार पत्र मांगा।
दोनों युवक कोई वैध पहचान पत्र या अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद आरपीएफ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनसे सख्ती से पूछताछ की।
यात्रियों से टिकट जांच के नाम पर कर रहे थे वसूली
आरपीएफ के मुताबिक, कोच में बर्थ संख्या 55 और 56 पर यात्रा कर रहे यात्रियों ने भी पुष्टि की कि दोनों युवक खुद को टीटीई बताकर टिकट चेक कर रहे थे।
पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी पहचान झारखंड के गढ़वा जिले के डंडई निवासी सुनील कुमार और रोहित कुमार के रूप में बताई। इसके बाद दोनों की तलाशी ली गई।
एक आरोपी के पास मिले दो चोरी के मोबाइल
तलाशी के दौरान सुनील कुमार के पास से दो एंड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरपीएफ के अनुसार, पूछताछ में उसने इन मोबाइलों को इसी ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों से चोरी करने की बात स्वीकार की।
आरपीएफ ने दोनों मोबाइल फोन को जब्ती सूची में शामिल कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपितों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए राजकीय रेल पुलिस (GRP) के हवाले कर दिया गया।
GRP ने दर्ज किया मामला, दोनों को भेजा जेल
मामले में जीआरपी ने बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
आरपीएफ निरीक्षक राज किशोर कछवाहा के अनुसार, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त दिनेश सिंह तोमर के निर्देशन में स्टेशन परिसर और ट्रेनों में आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है। इसी अभियान के दौरान फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से वसूली करने का मामला सामने आया।