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मोरक्को की सियासत में पहली बार महिला PM, 50 साल की फातिमा जहरा मंसूरी को किंग ने सौंपी सरकार की कमान

आभा शुक्ला
Last updated: सितम्बर 30, 2026 4:49 अपराह्न
By : आभा शुक्ला
Published on : 2 दिन पहले
Fatima Zahra Mansouri Becomes Morocco First Woman Prime Minister
Fatima Zahra Mansouri Becomes Morocco First Woman Prime Minister (Source - X)
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चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली PAM पार्टी से आती हैं मंसूरी; कभी माराकेश की पहली महिला मेयर बनी थीं, अब 2030 वर्ल्ड कप और महंगाई-जॉब जैसे बड़े मुद्दों की जिम्मेदारी

मोरक्को की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। किंग मोहम्मद VI ने Fatima Zahra Mansouri को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। 50 वर्षीय मंसूरी को नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में उनकी पार्टी ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी यानी PAM सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

मंसूरी की नियुक्ति सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि मोरक्को की राजनीति में एक ऐतिहासिक पड़ाव भी मानी जा रही है। उन्होंने नियुक्ति के बाद कहा कि देश के इतिहास में पहली बार कोई महिला सरकार की जिम्मेदारी संभाल रही है और यह उनके साथ-साथ मोरक्को की सभी महिलाओं के लिए गर्व का विषय है।

चुनाव में PAM सबसे आगे, लेकिन बहुमत से दूर

23 सितंबर को हुए संसदीय चुनाव में PAM ने 395 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 97 सीटें जीतीं। हालांकि यह पूर्ण बहुमत के लिए जरूरी सीटों से काफी कम है। नेशनल रैली ऑफ इंडिपेंडेंट्स (RNI) को 66 और इस्तिकलाल पार्टी को 65 सीटें मिलीं, जबकि जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (PJD) ने 54 सीटों के साथ वापसी की।

इसका मतलब है कि मंसूरी को सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन करना होगा। PAM ने गठबंधन के लिए सभी दलों के साथ बातचीत की इच्छा जताई है, जबकि कुछ विपक्षी दलों ने सरकार से बाहर रहने के संकेत दिए हैं।

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कौन हैं फातिमा जहरा मंसूरी?

फातिमा जहरा मंसूरी पेशे से वकील हैं और मोरक्को की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहली बार 2009 में माराकेश की मेयर चुनी गई थीं। इस तरह वह इस ऐतिहासिक शहर की पहली महिला मेयर बनीं। 2021 में उन्होंने दोबारा यह जिम्मेदारी संभाली। वह संसद सदस्य भी रह चुकी हैं और शहरी नियोजन से जुड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।

मंसूरी 2008 में बनी PAM से उसी शुरुआती दौर में जुड़ गई थीं। पिछले कुछ वर्षों में वह पार्टी की प्रमुख नेताओं में शामिल हुईं और अब पार्टी की चुनावी जीत ने उन्हें देश की सबसे बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारियों में से एक तक पहुंचा दिया है।

कम वोटिंग के बीच आया बड़ा राजनीतिक बदलाव

मंसूरी की नियुक्ति ऐसे चुनाव के बाद हुई है, जिसमें मतदाताओं की भागीदारी काफी कम रही। चुनाव में करीब 38% मतदान हुआ, जो 2021 के लगभग 50% मतदान से काफी कम है। कम मतदान को लेकर युवाओं की राजनीतिक उदासीनता और देश में महंगाई, रोजगार तथा सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी चिंताओं का मुद्दा चर्चा में रहा।

अब नई सरकार के सामने इन मुद्दों पर काम करने की चुनौती होगी। खासकर युवाओं के लिए रोजगार, वेतन, महंगाई और आर्थिक अवसर बड़े सवाल हैं।

रोजगार और महंगाई

मंसूरी की सरकार के सामने आम लोगों से जुड़े कई सीधे सवाल होंगे। खाने-पीने की कीमतों में बढ़ोतरी, रोजगार, वेतन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और आवास जैसे मुद्दे चुनाव के दौरान प्रमुख रहे।

मोरक्को की अर्थव्यवस्था में निवेश और नए उद्योगों का विस्तार हुआ है, लेकिन आर्थिक विकास का फायदा सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचने और पर्याप्त रोजगार पैदा होने को लेकर चिंता बनी हुई है। खासकर युवा आबादी के लिए नौकरी और आर्थिक अवसर बड़ा मुद्दा है।

इसलिए मंसूरी के लिए महिला प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास बनाना पहला पड़ाव है। आगे उनकी सरकार किन नीतियों के जरिए इन समस्याओं से निपटती है, इस पर लोगों की नजर रहेगी।

सामने 2030 वर्ल्ड कप की भी बड़ी जिम्मेदारी

मंसूरी की सरकार के सामने एक और बड़ा काम मोरक्को में होने वाला 2030 FIFA वर्ल्ड कप है। मोरक्को, स्पेन और पुर्तगाल मिलकर इस विश्व कप की मेजबानी करेंगे। इसके लिए देश में बड़े पैमाने पर निवेश और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम होने हैं।

यानी मंसूरी के सामने एक साथ कई मोर्चे हैं—नई सरकार बनाना, गठबंधन संभालना, युवाओं की नाराजगी और आर्थिक चुनौतियों पर काम करना और वर्ल्ड कप से जुड़े बड़े निवेशों की निगरानी करना।

अरब दुनिया में तीसरी महिला PM

मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने के साथ मंसूरी अरब दुनिया में प्रधानमंत्री पद संभालने वाली तीसरी महिला भी बन गई हैं। उनसे पहले ट्यूनीशिया में नजला बौडेन 2021 से 2023 तक प्रधानमंत्री रही थीं। ट्यूनीशिया की मौजूदा प्रधानमंत्री सारा ज़ाफरानी को मार्च 2025 में नियुक्त किया गया था।

मंसूरी के सामने अब इतिहास बनाने के बाद उसे साबित करने की चुनौती है। उनकी सरकार को न सिर्फ गठबंधन की राजनीति संभालनी होगी, बल्कि उन आर्थिक और सामाजिक सवालों पर भी काम करना होगा जिनकी वजह से इस चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी पिछले चुनाव की तुलना में काफी कम रही।

सिर्फ पद नहीं, बदलती तस्वीर का संकेत

मंसूरी की नियुक्ति का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह मोरक्को की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को एक अलग स्तर पर ले जाती है। प्रधानमंत्री का पद देश की कार्यपालिका में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारियों में से एक है और इस पद पर पहली बार किसी महिला का पहुंचना अपने आप में ऐतिहासिक घटना है।

मंसूरी ने भी अपनी नियुक्ति के बाद इसे केवल व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं रखा। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार कोई महिला सरकार की जिम्मेदारी संभाल रही है और यह उनके साथ-साथ मोरक्को की महिलाओं के लिए गर्व का विषय है।

यह संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी केवल चुनाव लड़ने या संसद में पहुंचने तक सीमित नहीं रहती। जब महिलाएं निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्थाओं तक पहुंचती हैं, तो सत्ता और नेतृत्व की पारंपरिक तस्वीर भी बदलती दिखाई देती है।

एक तस्वीर जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मायने रखती है

फातिमा जहरा मंसूरी की कहानी को सिर्फ एक राजनीतिक नियुक्ति के तौर पर देखना इस खबर के सामाजिक पहलू को छोटा कर देगा। एक महिला का स्थानीय निकाय से राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचना उस लंबे सफर की तस्वीर है जिसमें राजनीति में महिलाओं की मौजूदगी धीरे-धीरे बढ़ी है।

हालांकि किसी महिला का शीर्ष पद पर पहुंचना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि समाज की सभी लैंगिक या आर्थिक समस्याएं खत्म हो गईं। लेकिन सत्ता के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की मौजूदगी सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व की संभावनाओं को जरूर बदलती है।

मोरक्को के लिए अब एक नई तस्वीर सामने है—देश की सरकार के शीर्ष पर एक महिला। और इस तस्वीर के साथ उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है। मंसूरी के सामने गठबंधन बनाना, युवाओं की उम्मीदों का जवाब देना, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर काम करना और 2030 वर्ल्ड कप से जुड़े बड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है।

इतिहास ने उन्हें पहला मौका दे दिया है। अब आने वाला समय बताएगा कि इस ऐतिहासिक नियुक्ति के बाद मोरक्को की राजनीति और शासन की दिशा किस तरह आगे बढ़ती है।

TAGGED:Fatima Zahra MansouriMorocco News
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Byआभा शुक्ला
आभा शुक्ला पत्रकारिता, जनसंपर्क और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5+ वर्षों के अनुभव वाली पत्रकार एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल हैं। पटना से जुड़ीं आभा को समाचार शोध, रिपोर्टिंग, कंटेंट डेवलपमेंट, मीडिया आउटरीच और जनसंपर्क अभियानों का अनुभव है। उन्होंने Zee News में ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में समाचार शोध, रिपोर्टिंग और कंटेंट डेवलपमेंट का अनुभव हासिल किया। इसके बाद UNE Consultant में PR Executive के तौर पर मीडिया आउटरीच, PR कैंपेन और कॉर्पोरेट इवेंट्स पर काम किया। TCS में Associate के रूप में उन्होंने डेटा मैनेजमेंट, रिसर्च और सूचना प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। आभा शुक्ला तथ्यपरक, शोध-आधारित और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से सामाजिक एवं समसामयिक मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाने में रुचि रखती हैं।
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