मुंगेर के धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में एक महिला भावुक होकर अपने आरोपों को सही बताते हुए कहती सुनाई दे रही है, “झूठ नहीं बोल रहे हैं… बच्चे की कसम खा रहे हैं।” महिला के स्वजन ने आरोप लगाया है कि मरीज को बेहतर इलाज के लिए रेफर करने के नाम पर उनसे दो हजार रुपये की मांग की गई। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्रसव के लिए परिवार के साथ पहुंची थी महिला
जानकारी के अनुसार, बड़ी गोविंदपुर निवासी प्रियंका देवी बुधवार को परिवार की एक महिला के प्रसव के लिए स्वजन के साथ धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं। चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की बात सामने आई।
इसी दौरान स्वजन ने आरोप लगाया कि रेफर की प्रक्रिया के लिए उनसे दो हजार रुपये मांगे गए। परिवार की ओर से इसका विरोध किए जाने के बाद मामला चर्चा में आया। प्रसारित वीडियो में महिला अपने आरोपों को लेकर भावुक दिखाई दे रही है और अपने बच्चे की कसम खाकर अपनी बात सही बता रही है।
दो स्वास्थ्यकर्मियों पर राशि मांगने का आरोप
स्वजन की ओर से धरहरा CHC की एएनएम सविता कुमारी और जीएनएम नूतन कुमारी पर रेफर के नाम पर दो हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रूप से मांगी गई राशि किस उद्देश्य से मांगी गई थी और क्या वास्तव में किसी स्वास्थ्यकर्मी ने पैसे की मांग की थी। इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अस्पताल प्रशासन ने भी अभी आरोपों को सही ठहराने वाला कोई निष्कर्ष सामने नहीं रखा है।
वीडियो सामने आने के बाद उठे सवाल
वीडियो के प्रसारित होने के बाद धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की रेफरल व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके स्वजन सामान्य तौर पर उपचार और आवश्यक रेफरल प्रक्रिया की उम्मीद करते हैं। ऐसे में रेफर के लिए पैसे मांगने का आरोप सामने आने से मामले ने स्थानीय स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है।
हालांकि, केवल वायरल वीडियो के आधार पर आरोपों को प्रमाणित नहीं माना जा सकता। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के बयान, दस्तावेज और प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगी।
लिखित शिकायत मिलने पर होगी जांच
धरहरा CHC के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। फिलहाल उन्हें इस संबंध में मौखिक जानकारी मिली है। उनका कहना है कि लिखित आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो की पुष्टि जांच के बाद होगी
इस पूरे मामले में फिलहाल दो बातें अलग-अलग रखनी जरूरी हैं। पहली, महिला के स्वजन की ओर से दो हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है और इससे जुड़ा वीडियो प्रसारित हो रहा है। दूसरी, आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी स्वास्थ्यकर्मी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
अब मामला लिखित शिकायत और जांच की प्रक्रिया पर निर्भर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रेफर के नाम पर वास्तव में राशि मांगी गई थी या नहीं और यदि मांग की गई थी तो इसके लिए कौन जिम्मेदार था।