Health Tips: कैंसर का पता चलने के बाद मरीज और उनके परिवार के मन में खानपान को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगते हैं। इनमें सबसे आम सवाल यह है कि क्या चीनी खाने से कैंसर तेजी से बढ़ता है और क्या मरीज को दूध पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर इस तरह के कई दावे भी देखने को मिलते हैं, लेकिन हर वायरल सलाह को सही मानना नुकसानदायक हो सकता है।
क्या चीनी खाने से बढ़ जाता है कैंसर?
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. वेदांत काबरा के मुताबिक, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि कैंसर मरीज के चीनी खाने से सीधे उसकी बीमारी या कैंसर की स्टेज बढ़ जाती है।
हालांकि, ज्यादा चीनी का सेवन स्वास्थ्य के लिए कई दूसरी समस्याएं पैदा कर सकता है।
अधिक मात्रा में चीनी लेने से मोटापा, फैटी लिवर और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी स्थितियों का खतरा बढ़ सकता है। ये स्थितियां लंबे समय में कैंसर के जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं।
इसलिए कैंसर मरीजों के लिए भी संतुलित खानपान और अतिरिक्त चीनी को सीमित रखना महत्वपूर्ण है।
क्या कैंसर मरीज दूध पी सकते हैं?
दूध को लेकर भी कई तरह की धारणाएं सोशल मीडिया पर फैली हुई हैं। डॉक्टर के अनुसार, दूध पीने और कैंसर बढ़ने के बीच कोई सीधा संबंध नहीं बताया गया है। इसलिए सिर्फ कैंसर होने के कारण हर मरीज के लिए दूध को पूरी तरह बंद कर देना जरूरी नहीं माना जा सकता।
हालांकि, मरीज की व्यक्तिगत स्थिति, बीमारी, उपचार और पाचन संबंधी समस्या के आधार पर डॉक्टर या डाइटिशियन अलग सलाह दे सकते हैं।
कैंसर के दौरान कैसी डाइट पर दें ध्यान?
कैंसर के इलाज के दौरान शरीर को पर्याप्त पोषण देना महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक मरीज की डाइट में पर्याप्त पोषण, प्रोटीन और जरूरी विटामिन शामिल होने चाहिए।
इलाज के दौरान हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत एक जैसी नहीं होती, इसलिए डाइट को मरीज की स्थिति और चल रहे उपचार के अनुसार तय करना बेहतर है।
डॉक्टर ने स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने तथा घर का बना भोजन लेने पर जोर दिया है। वहीं पैकेज्ड और फास्ट फूड का सेवन कम रखना बेहतर माना जाता है।
सोशल मीडिया की डाइट पर आंख बंद करके भरोसा न करें
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में इंटरनेट या सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी डाइट, नुस्खे या इलाज को डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं मानना चाहिए। एक मरीज के लिए उपयोगी डाइट दूसरे मरीज के लिए उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है।
कैंसर मरीज को अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले अपने ऑन्कोलॉजिस्ट या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए।
खासकर यदि मरीज को डायबिटीज, किडनी की बीमारी या इलाज के कारण खाने-पीने में परेशानी हो रही हो, तो डाइट व्यक्तिगत रूप से तय की जानी चाहिए।