पटना: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव में एक नया और अहम राजनीतिक मोड़ आ गया है। जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने इस चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर को खुला समर्थन देने का ऐलान किया है।
इस नए समीकरण के बाद बांकीपुर का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त 2026 को की जाएगी।
नामांकन रद्द होने के बाद बदला फैसला
बांकीपुर उपचुनाव में यह बड़ा फेरबदल जनशक्ति जनता दल की प्रत्याशी के नामांकन रद्द होने के बाद देखने को मिला। तेज प्रताप यादव की पार्टी ने इस सीट से वीणा मानवी को अपना उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा था। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच के दौरान तकनीकी त्रुटियों के कारण निर्वाचन अधिकारी ने उनका पर्चा निरस्त कर दिया।

प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने के बाद जनशक्ति जनता दल ने कोई दूसरा उम्मीदवार खड़ा करने के बजाय जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के पक्ष में जाने का फैसला लिया। तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर के पक्ष में पूरी ताकत से काम करेगी और उन्हें अपना पूरा समर्थन देगी।
बीजेपी का अभेद्य किला है बांकीपुर सीट
पटना की यह शहरी विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी का सबसे मजबूत गढ़ मानी जाती है। बीजेपी इस सीट पर 1995 से लगातार नौ बार चुनाव जीतती आ रही है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यहाँ से लगातार पांच बार विधायक रहे। उनसे पहले उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा लगातार चार बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई है। लगभग 3.91 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर कायस्थ समुदाय की आबादी करीब 14 प्रतिशत यानी 60 से 65 हजार है। इसके अलावा वैश्य और शहरी मध्यवर्ग बीजेपी का पारंपरिक वोट बैंक माना जाता है। बीजेपी ने इस बार नीरज सिन्हा को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि आरजेडी की ओर से रेखा गुप्ता मैदान में हैं।

प्रशांत किशोर और जन सुराज के लिए बड़ी परीक्षा
राजनीतिक रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर के लिए यह उपचुनाव एक बड़ी परीक्षा की तरह देखा जा रहा है। प्रशांत किशोर विकास, शिक्षा और शासन के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। पटना की यह सीट उनके तीसरे विकल्प के मॉडल को परखने के लिए सबसे उपयुक्त मंच है।
तेज प्रताप यादव के समर्थन से जन सुराज को निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं और युवाओं का साथ मिलने की उम्मीद है, जिससे बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके। अगर प्रशांत किशोर बीजेपी के इस गढ़ में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हैं, तो इससे राज्य के आगामी चुनाव समीकरणों पर गहरा असर पड़ेगा।
आगे क्या?

30 जुलाई के मतदान से पहले बांकीपुर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां बीजेपी अपनी 30 साल पुरानी विरासत और कैडर नेटवर्क के भरोसे मैदान में है, वहीं प्रशांत किशोर और तेज प्रताप यादव का साथ नए राजनीतिक समीकरण रचने की कोशिश कर रहा है। अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को आने वाले चुनावी नतीजों पर टिकी हैं।
